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ATS रैंकिंग से जुड़े सामान्य मिथक जो नौकरी के खोजियों को गुमराह करते हैं

ATS रैंकिंग से जुड़े सामान्य मिथक जो नौकरी के खोजियों को गुमराह करते हैं

ATS क्या है?

ATS (Applicant Tracking System) एक सॉफ़्टवेयर है जिसका उपयोग कंपनियाँ अपने भर्ती प्रक्रियाओं को प्रबंधित करने के लिए करती हैं। यह सिस्टम रिज़्यूमे को स्कैन करता है और उन्हें विभिन्न मानदंडों के आधार पर रैंक करता है। ATS का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सही उम्मीदवारों को सही समय पर पहचाना जाए।

ATS मिथक 1: रिज़्यूमे को केवल एक फ़ॉर्मेट में बनाना चाहिए

बहुत से लोग मानते हैं कि रिज़्यूमे को केवल एक ही फ़ॉर्मेट में बनाना चाहिए, जैसे कि PDF या Word। जबकि यह सच है कि कुछ ATS PDF फ़ाइलों को ठीक से पढ़ नहीं सकते, लेकिन अधिकांश आधुनिक ATS विभिन्न फ़ॉर्मेट्स को संभाल सकते हैं। इसलिए, रिज़्यूमे को एक सरल और स्पष्ट फ़ॉर्मेट में बनाना महत्वपूर्ण है, चाहे वह Word या PDF हो।

ATS मिथक 2: कीवर्ड भरना ही सब कुछ है

एक सामान्य भ्रांति यह है कि रिज़्यूमे में कीवर्ड भरने से ही ATS में उच्च रैंकिंग मिलती है। हालांकि, कीवर्ड महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उन्हें प्राकृतिक तरीके से शामिल करना चाहिए। अगर आप केवल कीवर्ड भरते हैं और सामग्री में गुणवत्ता की कमी होती है, तो यह आपके रिज़्यूमे को नुकसान पहुंचा सकता है।

ATS मिथक 3: सभी रिज़्यूमे एक जैसे होते हैं

कई लोग मानते हैं कि सभी रिज़्यूमे एक जैसे होते हैं और एक सामान्य टेम्पलेट का उपयोग करना ठीक है। लेकिन यह सच नहीं है। हर नौकरी की आवश्यकताएँ अलग होती हैं, और रिज़्यूमे को उस नौकरी के अनुसार अनुकूलित करना चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि आप एक तकनीकी भूमिका के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो आपको तकनीकी कौशल और अनुभव को प्रमुखता से दर्शाना चाहिए।

ATS मिथक 4: ग्राफिक्स और इमेज का उपयोग करना

कुछ लोग सोचते हैं कि ग्राफिक्स और इमेज का उपयोग करने से उनका रिज़्यूमे आकर्षक बनता है। लेकिन ATS ग्राफिक्स और इमेज को पढ़ने में असमर्थ होते हैं। इसलिए, रिज़्यूमे को सरल और टेक्स्ट-आधारित रखना बेहतर होता है।

ATS मिथक 5: रिज़्यूमे की लंबाई कोई मायने नहीं रखती

एक और मिथक यह है कि रिज़्यूमे की लंबाई कोई मायने नहीं रखती। हालांकि, अधिकांश नियोक्ता एक पृष्ठ का रिज़्यूमे पसंद करते हैं। यदि आपके पास बहुत अधिक अनुभव है, तो दो पृष्ठों तक जाना ठीक है, लेकिन सुनिश्चित करें कि सामग्री प्रासंगिक और संक्षिप्त हो।

ATS मिथक 6: केवल एक बार रिज़्यूमे अपडेट करना

कई लोग मानते हैं कि रिज़्यूमे को केवल एक बार अपडेट करने की आवश्यकता होती है। लेकिन यह सच नहीं है। आपको अपने रिज़्यूमे को नियमित रूप से अपडेट करना चाहिए, खासकर जब आप नई कौशल या अनुभव प्राप्त करते हैं।

ATS को ऑप्टिमाइज कैसे करें?

रिज़्यूमे को ATS के अनुकूल बनाने के लिए कुछ सुझाव:

  1. कीवर्ड का सही उपयोग करें: नौकरी की आवश्यकता के अनुसार कीवर्ड शामिल करें, लेकिन उन्हें स्वाभाविक रूप से लिखें।

  2. सादा फ़ॉर्मेट चुनें: रिज़्यूमे को सरल और टेक्स्ट-आधारित रखें।

  3. स्पष्ट शीर्षक और अनुभाग: रिज़्यूमे में स्पष्ट शीर्षक और अनुभाग बनाएं ताकि ATS आसानी से जानकारी पहचान सके।

  4. सही फ़ॉन्ट का चयन करें: Arial, Calibri, या Times New Roman जैसे सामान्य फ़ॉन्ट का उपयोग करें।

  5. रिज़्यूमे को अनुकूलित करें: प्रत्येक नौकरी के लिए रिज़्यूमे को अनुकूलित करें, ताकि वह नौकरी की आवश्यकताओं के अनुसार हो।

निष्कर्ष

ATS के बारे में कई मिथक हैं जो नौकरी के खोजियों को गुमराह कर सकते हैं। सही जानकारी और समझ के साथ, आप अपने रिज़्यूमे को ATS के अनुकूल बना सकते हैं और अपनी नौकरी की खोज में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। यदि आप रिज़्यूमे बनाने और ऑप्टिमाइजेशन में मदद चाहते हैं, तो MyLiveCV जैसे प्लेटफार्म का उपयोग कर सकते हैं, जो आपको सही दिशा में मार्गदर्शन कर सकता है।

याद रखें, सही जानकारी और तैयारी के साथ, आप अपने करियर में आगे बढ़ सकते हैं।

प्रकाशित किया गया: जन. 7, 2026

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