ATS स्कोर की सामान्य गलतफहमियाँ जो नौकरी के उम्मीदवार करते हैं
ATS स्कोर क्या है?
ATS (Applicant Tracking System) स्कोर एक ऐसा माप है जो यह निर्धारित करता है कि आपका रिज्यूमे एक नौकरी के लिए कितनी अच्छी तरह से अनुकूलित है। यह स्कोर उस सॉफ़्टवेयर द्वारा उत्पन्न होता है जो नियोक्ता आपके रिज्यूमे को स्कैन करता है। ATS का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सही उम्मीदवारों को ही चयनित किया जाए। हालांकि, कई नौकरी के उम्मीदवार इस स्कोर को गलत तरीके से समझते हैं, जिससे उनकी नौकरी खोज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
ATS स्कोर की सामान्य गलतफहमियाँ
1. ATS स्कोर का मतलब है कि आपका रिज्यूमे स्वीकार किया गया है
कई उम्मीदवार मानते हैं कि एक उच्च ATS स्कोर का मतलब है कि उनका रिज्यूमे स्वीकृत हो गया है। हालांकि, यह सच नहीं है। ATS स्कोर केवल यह बताता है कि आपका रिज्यूमे नौकरी की आवश्यकताओं के साथ कितना मेल खाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि आपका रिज्यूमे मानव संसाधन द्वारा देखा जाएगा।
2. सभी ATS एक जैसे होते हैं
यह एक और सामान्य गलतफहमी है। विभिन्न ATS सिस्टम अलग-अलग मानदंडों का उपयोग करते हैं। कुछ सिस्टम की प्राथमिकताएँ कीवर्ड पर आधारित होती हैं, जबकि अन्य संरचना और प्रारूप पर ध्यान केंद्रित करते हैं। इसलिए, एक ATS के लिए अनुकूलित रिज्यूमे दूसरे ATS पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकता।
3. केवल कीवर्ड का उपयोग करना पर्याप्त है
कई लोग सोचते हैं कि केवल कीवर्ड का सही उपयोग करना ही पर्याप्त है। जबकि कीवर्ड महत्वपूर्ण हैं, लेकिन रिज्यूमे की गुणवत्ता, संरचना और स्पष्टता भी महत्वपूर्ण हैं। एक संतुलित रिज्यूमे जो सही कीवर्ड के साथ-साथ अच्छी तरह से लिखा गया हो, अधिक प्रभावी होगा।
4. ATS स्कोर से नौकरी के लिए चयन तय होता है
ATS स्कोर केवल एक प्रारंभिक स्क्रीनिंग टूल है। नियोक्ता अंतिम चयन के लिए व्यक्तिगत साक्षात्कार और अन्य मानदंडों का उपयोग करते हैं। इसलिए, एक अच्छा ATS स्कोर होना महत्वपूर्ण है, लेकिन यह अंतिम निर्णय नहीं है।
5. रिज्यूमे को हर बार फिर से लिखना आवश्यक है
कुछ उम्मीदवार मानते हैं कि उन्हें हर नौकरी के लिए अपना रिज्यूमे पूरी तरह से फिर से लिखना होगा। हालांकि, आप अपने मूल रिज्यूमे को संशोधित कर सकते हैं और उसे नौकरी की आवश्यकताओं के अनुसार अनुकूलित कर सकते हैं। यह प्रक्रिया अधिक समय और प्रयास बचाती है।
ATS स्कोर को कैसे सुधारें?
1. कीवर्ड रिसर्च करें
रिज्यूमे में सही कीवर्ड का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। नौकरी के विवरण को ध्यान से पढ़ें और उन कीवर्ड को पहचानें जो बार-बार आते हैं। इन्हें अपने रिज्यूमे में शामिल करें।
2. संरचना और प्रारूप पर ध्यान दें
रिज्यूमे की संरचना सरल और स्पष्ट होनी चाहिए। जटिल फॉर्मेटिंग से बचें, क्योंकि ATS कुछ फॉर्मेटिंग को सही तरीके से पढ़ नहीं पाते हैं।
3. रिज्यूमे को अनुकूलित करें
हर नौकरी के लिए अपने रिज्यूमे को अनुकूलित करें। नौकरी की आवश्यकताओं के अनुसार अपने अनुभव और कौशल को प्राथमिकता दें।
4. ATS ऑप्टिमाइजेशन टूल का उपयोग करें
आप ATS ऑप्टिमाइजेशन के लिए विभिन्न टूल्स का उपयोग कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, MyLiveCV जैसे प्लेटफार्मों का उपयोग करके आप अपने रिज्यूमे को ATS के अनुकूल बना सकते हैं।
निष्कर्ष
ATS स्कोर एक महत्वपूर्ण उपकरण है जो नौकरी के उम्मीदवारों को उनके रिज्यूमे की प्रभावशीलता का आकलन करने में मदद करता है। हालांकि, इसे सही तरीके से समझना आवश्यक है। ATS स्कोर केवल एक संकेतक है और इसे अन्य कारकों के साथ मिलाकर देखना चाहिए। सही जानकारी और रणनीतियों के साथ, आप अपने ATS स्कोर को सुधार सकते हैं और नौकरी की खोज में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
प्रकाशित किया गया: जन. 7, 2026


