ATS स्कोरिंग वेरिएबल्स: सरल भाषा में समझें
ATS स्कोरिंग वेरिएबल्स: सरल भाषा में समझें
जब आप नौकरी के लिए आवेदन करते हैं, तो आपका रिज्यूमे सबसे पहला दस्तावेज़ होता है जिसे आप संभावित नियोक्ता के सामने प्रस्तुत करते हैं। आजकल, कई कंपनियाँ Applicant Tracking Systems (ATS) का उपयोग करती हैं ताकि रिज्यूमे को स्कोर किया जा सके और सबसे उपयुक्त उम्मीदवारों को चुना जा सके। लेकिन ATS वास्तव में कैसे काम करता है और यह आपके रिज्यूमे को कैसे स्कोर करता है? आइए इसे सरल भाषा में समझते हैं।
ATS क्या है?
ATS एक सॉफ़्टवेयर है जो नियोक्ताओं को नौकरी के आवेदनों को प्रबंधित करने में मदद करता है। यह रिज्यूमे को स्कैन करता है, उन्हें वर्गीकृत करता है, और विभिन्न वेरिएबल्स के आधार पर स्कोर करता है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सही उम्मीदवारों को सही समय पर खोजा जा सके।
ATS स्कोरिंग वेरिएबल्स
ATS सिस्टम विभिन्न वेरिएबल्स का उपयोग करते हैं ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि आपका रिज्यूमे नौकरी के लिए कितना उपयुक्त है। यहाँ कुछ मुख्य वेरिएबल्स दिए गए हैं:
1. कीवर्ड्स
कीवर्ड्स आपके रिज्यूमे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ATS सिस्टम उन कीवर्ड्स की तलाश करते हैं जो नौकरी के विवरण में दिए गए हैं। यदि आपके रिज्यूमे में सही कीवर्ड्स नहीं हैं, तो आपका स्कोर कम हो सकता है।
उदाहरण के लिए, यदि नौकरी के विवरण में “प्रोजेक्ट प्रबंधन” का उल्लेख है, तो सुनिश्चित करें कि आपके रिज्यूमे में यह कीवर्ड मौजूद हो।
2. फॉर्मेटिंग
ATS सिस्टम रिज्यूमे की फॉर्मेटिंग को भी स्कोर करते हैं। यदि आपका रिज्यूमे बहुत जटिल फॉर्मेट में है या इसमें ग्राफिक्स और इमेजेज का उपयोग किया गया है, तो ATS इसे ठीक से स्कैन नहीं कर पाएगा। इसलिए, एक साधारण और साफ फॉर्मेट का उपयोग करें।
3. अनुभव और शिक्षा
आपके कार्य अनुभव और शिक्षा की जानकारी भी ATS द्वारा स्कोर की जाती है। यह सुनिश्चित करें कि आपके रिज्यूमे में आपके पिछले कार्य अनुभव और आपकी शिक्षा का विवरण स्पष्ट और संक्षिप्त हो।
4. नौकरी के लिए अनुकूलता
ATS आपके रिज्यूमे को उस नौकरी के लिए अनुकूलता के आधार पर भी स्कोर करता है। यदि आप नौकरी के लिए आवश्यक योग्यताओं को पूरा करते हैं, तो आपका स्कोर बढ़ जाएगा।
5. संपर्क जानकारी
संपर्क जानकारी का सही होना भी महत्वपूर्ण है। ATS को यह जानकारी चाहिए होती है ताकि वे आपसे संपर्क कर सकें। सुनिश्चित करें कि आपका फोन नंबर और ईमेल आईडी सही और अपडेटेड हो।
ATS ऑप्टिमाइजेशन के टिप्स
अब जब आप ATS स्कोरिंग वेरिएबल्स को समझ चुके हैं, तो यहाँ कुछ टिप्स दिए गए हैं जिन्हें आप अपने रिज्यूमे को ATS के लिए ऑप्टिमाइज करने के लिए उपयोग कर सकते हैं:
1. कीवर्ड रिसर्च करें
नौकरी के विवरण को ध्यान से पढ़ें और उसमें दिए गए कीवर्ड्स को अपने रिज्यूमे में शामिल करें।
2. साधारण फॉर्मेट का उपयोग करें
रिज्यूमे को साफ और सरल फॉर्मेट में रखें। बुलेट पॉइंट्स का उपयोग करें और जटिल ग्राफिक्स से बचें।
3. रिज्यूमे को कस्टमाइज़ करें
हर नौकरी के लिए अपने रिज्यूमे को कस्टमाइज़ करें। नौकरी की आवश्यकताओं के अनुसार अपने अनुभव और कौशल को प्रमुखता दें।
4. सही फॉन्ट का चयन करें
सही फॉन्ट का चयन करें जो ATS द्वारा आसानी से पढ़ा जा सके। Arial, Calibri या Times New Roman जैसे साधारण फॉन्ट्स का उपयोग करें।
5. रिज्यूमे की लंबाई
रिज्यूमे की लंबाई को 1-2 पृष्ठों में सीमित रखें। अधिक लंबा रिज्यूमे ATS द्वारा स्कैन करते समय समस्याएँ पैदा कर सकता है।
निष्कर्ष
ATS स्कोरिंग वेरिएबल्स को समझना आपके रिज्यूमे को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। सही कीवर्ड्स, उचित फॉर्मेटिंग, और अनुकूलता सुनिश्चित करके आप अपने स्कोर को बढ़ा सकते हैं। यदि आप अपने रिज्यूमे को ATS के लिए ऑप्टिमाइज करने के लिए और अधिक मदद चाहते हैं, तो MyLiveCV जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग करें, जो आपको रिज्यूमे बनाने और ऑप्टिमाइज करने के लिए विभिन्न टूल्स प्रदान करते हैं।
अपने रिज्यूमे को ATS के अनुकूल बनाकर, आप नौकरी पाने की संभावनाओं को बढ़ा सकते हैं। इसलिए, अब से अपने रिज्यूमे पर ध्यान दें और उसे ATS के लिए तैयार करें!
प्रकाशित किया गया: जन. 7, 2026


