कैसे रिज़्यूमे का फॉर्मेटिंग आपके ATS स्कोर को प्रभावित करता है
रिज़्यूमे फॉर्मेटिंग का महत्व
रिज़्यूमे एक ऐसा दस्तावेज़ है जो आपके पेशेवर जीवन का परिचय देता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रिज़्यूमे का फॉर्मेटिंग आपके ATS (Applicant Tracking System) स्कोर को कैसे प्रभावित कर सकता है? सही फॉर्मेटिंग न केवल आपके रिज़्यूमे को आकर्षक बनाती है, बल्कि यह आपके संभावित नियोक्ता द्वारा आपके दस्तावेज़ को सही तरीके से पढ़ने और समझने में भी मदद करती है।
ATS क्या है?
ATS एक सॉफ़्टवेयर है जिसका उपयोग नियोक्ता और मानव संसाधन विभाग उम्मीदवारों के रिज़्यूमे को स्कैन और प्रबंधित करने के लिए करते हैं। यह सॉफ़्टवेयर रिज़्यूमे को स्कोर करता है और यह निर्धारित करता है कि कौन से उम्मीदवार नौकरी के लिए उपयुक्त हैं। इसलिए, यदि आपका रिज़्यूमे ATS के अनुकूल नहीं है, तो आपके पास नौकरी पाने का मौका कम हो सकता है।
रिज़्यूमे फॉर्मेटिंग के मुख्य तत्व
1. फ़ॉन्ट और आकार
रिज़्यूमे में फ़ॉन्ट का चयन महत्वपूर्ण है। साधारण और पेशेवर फ़ॉन्ट जैसे Arial, Calibri या Times New Roman का उपयोग करें। फ़ॉन्ट का आकार 10 से 12 के बीच होना चाहिए। बहुत छोटे या बड़े फ़ॉन्ट से ATS को पढ़ने में कठिनाई हो सकती है।
2. हेडिंग्स का उपयोग
हेडिंग्स का सही उपयोग करना भी जरूरी है। जैसे “शिक्षा,” “अनुभव,” और “कौशल” जैसे स्पष्ट हेडिंग्स ATS को आपके रिज़्यूमे को सही तरीके से समझने में मदद करते हैं।
3. बुलेट पॉइंट्स
बुलेट पॉइंट्स का उपयोग करना आपके अनुभव और कौशल को संक्षेप में प्रस्तुत करने का एक अच्छा तरीका है। यह ATS को आपके रिज़्यूमे को स्कैन करने में मदद करता है और नियोक्ता को आपके मुख्य बिंदुओं को जल्दी से देखने की अनुमति देता है।
4. ग्राफिक्स और इमेजेज
हालांकि ग्राफिक्स और इमेजेज आपके रिज़्यूमे को आकर्षक बना सकते हैं, लेकिन ATS इन्हें सही तरीके से पढ़ नहीं सकता। इसलिए, ग्राफिक्स का उपयोग करने से बचें, खासकर यदि आप एक पारंपरिक नौकरी के लिए आवेदन कर रहे हैं।
ATS स्कोरिंग में मददगार फॉर्मेटिंग टिप्स
1. कीवर्ड का उपयोग
रिज़्यूमे में कीवर्ड का सही उपयोग करना महत्वपूर्ण है। नौकरी के विवरण में दिए गए कीवर्ड को अपने रिज़्यूमे में शामिल करें। इससे ATS आपके रिज़्यूमे को उच्च स्कोर देगा।
2. सरल लेआउट
सादा और सीधा लेआउट ATS के लिए सबसे अच्छा होता है। जटिल डिज़ाइन और टेबल्स का उपयोग करने से बचें, क्योंकि ये ATS द्वारा ठीक से पढ़े नहीं जा सकते।
3. फ़ाइल का प्रकार
रिज़्यूमे को PDF या DOCX फ़ाइल के रूप में सहेजें। कई ATS PDF फ़ाइलों को सही तरीके से पढ़ सकते हैं, लेकिन कुछ केवल DOCX फ़ाइलों को ही स्वीकार करते हैं।
रिज़्यूमे फॉर्मेटिंग के लिए उपकरण
रिज़्यूमे फॉर्मेटिंग को सरल बनाने के लिए कई ऑनलाइन उपकरण उपलब्ध हैं। उदाहरण के लिए, MyLiveCV एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है जो आपको ATS-अनुकूल रिज़्यूमे बनाने में मदद करता है। यह टूल आपको सही फॉर्मेटिंग विकल्प चुनने में मदद करता है, जिससे आप अपने स्कोर को बढ़ा सकते हैं।
निष्कर्ष
रिज़्यूमे का फॉर्मेटिंग आपके ATS स्कोर को प्रभावित कर सकता है। सही फॉर्मेटिंग विकल्प चुनना न केवल आपके रिज़्यूमे को पेशेवर बनाता है, बल्कि यह आपके नौकरी पाने की संभावनाओं को भी बढ़ाता है। ध्यान रखें कि ATS एक मशीन है, और इसे सही तरीके से समझाने के लिए आपको अपने रिज़्यूमे को सही तरीके से फॉर्मेट करना होगा।
अपने रिज़्यूमे को ATS-अनुकूल बनाने के लिए ऊपर दिए गए सुझावों का पालन करें और सुनिश्चित करें कि आप अपने करियर में सफलता की ओर बढ़ रहे हैं।
प्रकाशित किया गया: जन. 7, 2026


