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ATS सिस्टम कैसे रिज़्यूमे फ़ील्ड को आंतरिक रूप से मैप करते हैं

ATS सिस्टम कैसे रिज़्यूमे फ़ील्ड को आंतरिक रूप से मैप करते हैं

परिचय

आज के प्रतिस्पर्धी करियर मार्केट में, एक प्रभावी रिज़्यूमे होना आवश्यक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब आप अपना रिज़्यूमे किसी कंपनी को भेजते हैं, तो वह पहले एक ATS (Applicant Tracking System) द्वारा पार्स होता है? ATS सिस्टम रिज़्यूमे के विभिन्न सेक्शन और फ़ील्ड को कैसे समझते हैं, यह जानना आपके लिए महत्वपूर्ण है। इस लेख में, हम ATS सिस्टम के काम करने के तरीके और रिज़्यूमे फ़ील्ड को आंतरिक रूप से मैप करने की प्रक्रिया पर चर्चा करेंगे।

ATS सिस्टम क्या है?

ATS एक सॉफ़्टवेयर है जिसका उपयोग कंपनियाँ नौकरी आवेदनों को प्रबंधित करने के लिए करती हैं। यह सिस्टम रिज़्यूमे को स्कैन करता है, जानकारी को पार्स करता है, और उसे एक डेटाबेस में स्टोर करता है। ATS का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सही उम्मीदवारों को सही नौकरी के लिए चुना जाए।

रिज़्यूमे के मुख्य सेक्शन

जब आप रिज़्यूमे बनाते हैं, तो यह महत्वपूर्ण है कि आप इसे सही तरीके से संरचित करें। ATS सिस्टम आमतौर पर निम्नलिखित सेक्शन को पहचानता है:

1. संपर्क जानकारी

यह सेक्शन आपके नाम, फोन नंबर, ईमेल और पता जैसी जानकारी शामिल करता है। ATS सिस्टम इस जानकारी को पहचानने में सक्षम होता है और इसे प्राथमिकता देता है।

2. पेशेवर सारांश

यह एक संक्षिप्त विवरण है जो आपके कौशल और अनुभव को उजागर करता है। ATS सिस्टम इस सेक्शन को स्कैन करता है ताकि यह समझ सके कि आप किस प्रकार के उम्मीदवार हैं।

3. कार्य अनुभव

यह सेक्शन आपके पिछले कार्य अनुभव को दर्शाता है। ATS सिस्टम आमतौर पर इस जानकारी को महत्वपूर्ण मानता है और इसे प्राथमिकता देता है। यह सुनिश्चित करें कि आपके कार्य अनुभव को सही तरीके से संरचित किया गया हो, जैसे कि कंपनी का नाम, आपकी भूमिका, और कार्यकाल।

4. शिक्षा

यहां आपकी शैक्षणिक योग्यता का विवरण होता है। ATS सिस्टम इस जानकारी को भी महत्वपूर्ण मानता है, इसलिए इसे सही तरीके से प्रस्तुत करना आवश्यक है।

5. कौशल

यह सेक्शन आपके तकनीकी और सॉफ्ट स्किल्स को दर्शाता है। ATS सिस्टम इस जानकारी का उपयोग आपके रिज़्यूमे को अन्य आवेदकों से तुलना करने के लिए करता है।

ATS सिस्टम रिज़्यूमे फ़ील्ड को कैसे मैप करता है?

ATS सिस्टम रिज़्यूमे को एक संरचित डेटा फ़ॉर्मेट में परिवर्तित करता है। यह प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में होती है:

1. डेटा स्कैनिंग

ATS सिस्टम सबसे पहले रिज़्यूमे को स्कैन करता है। यह सभी टेक्स्ट को पढ़ता है और उसे पहचानता है।

2. डेटा पार्सिंग

इसके बाद, ATS सिस्टम डेटा को विभिन्न सेक्शन में विभाजित करता है। यह सुनिश्चित करता है कि सभी जानकारी सही तरीके से वर्गीकृत की गई है।

3. डेटा मैपिंग

ATS सिस्टम अब प्रत्येक फ़ील्ड को एक आंतरिक डेटाबेस में मैप करता है। यह प्रक्रिया यह निर्धारित करती है कि कौन सी जानकारी महत्वपूर्ण है और कौन सी नहीं।

4. डेटा एनालिसिस

अंत में, ATS सिस्टम सभी डेटा का विश्लेषण करता है और यह तय करता है कि कौन से उम्मीदवार को आगे बढ़ाया जाएगा।

रिज़्यूमे ऑप्टिमाइजेशन के लिए सुझाव

अपने रिज़्यूमे को ATS के अनुकूल बनाने के लिए निम्नलिखित सुझावों का पालन करें:

1. कीवर्ड का उपयोग करें

अपने रिज़्यूमे में उन कीवर्ड्स का उपयोग करें जो नौकरी के विवरण में दिए गए हैं। ATS सिस्टम इन कीवर्ड्स को पहचानता है और आपके रिज़्यूमे को उच्च रैंक देता है।

2. सरल प्रारूप का चयन करें

रिज़्यूमे का प्रारूप सरल और स्पष्ट होना चाहिए। जटिल डिजाइन और ग्राफिक्स ATS सिस्टम द्वारा सही तरीके से स्कैन नहीं किए जा सकते।

3. सही फ़ील्ड का उपयोग करें

सुनिश्चित करें कि आप रिज़्यूमे के सभी सेक्शन को सही तरीके से नामित करते हैं। जैसे “कार्य अनुभव”, “शिक्षा”, “कौशल” आदि।

4. फ़ॉन्ट का चयन

एक सामान्य फ़ॉन्ट का उपयोग करें जो ATS सिस्टम द्वारा आसानी से पढ़ा जा सके। Arial, Calibri, और Times New Roman जैसे फ़ॉन्ट्स अच्छे विकल्प हैं।

निष्कर्ष

ATS सिस्टम रिज़्यूमे के विभिन्न फ़ील्ड को समझने और मैप करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि आप अपने रिज़्यूमे को ATS के अनुकूल बनाना चाहते हैं, तो ऊपर दिए गए सुझावों का पालन करें। सही तरीके से संरचित और ऑप्टिमाइज्ड रिज़्यूमे आपके करियर में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। MyLiveCV जैसे प्लेटफार्म का उपयोग करके आप अपने रिज़्यूमे को बेहतर बना सकते हैं और इसे ATS के लिए अनुकूलित कर सकते हैं।

इस प्रकार, ATS सिस्टम की कार्यप्रणाली को समझना और अपने रिज़्यूमे को सही तरीके से तैयार करना आपके करियर के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

प्रकाशित किया गया: जन. 7, 2026

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